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Tag Archives: Masakalii

Ramzan 2024: When the moon of Ramzan knocked

नई दिल्ली: माह-ए-मुबारक रमजान ने दस्तक दे दिया है। सोमवार को चांद दिखने के साथ ही मंगलवार यानी 12 मार्च से रमजान शुरू हो जाएगा। रमजान की आहट से रोजे और इबादत का सिलसिला शुरू होने के साथ ही कुरआन की तिलावत की आवाजें मस्जिदों से आने लगती है। रहमतों और बरकतों का महीना रमजान मुबारक शुरू होने वाला है। ऐसे में मुस्लिमों में पाक महीना रमजान को लेकर तैयारियां काफी जोश के साथ शुरू हो चुकी हैं।

चांद के दीदार के बाद पहला रोजा 12 मार्च से

भारत के कई हिस्सों में आज चांद नजर आया। रमजान के अर्धचंद्र के दीदार होते ही मस्जिदों से 12 मार्च से पाक महीने रमजान का ऐलान कर दिया गया।

अरब देशों में एक दिन पहले रमजान या ईद का चांद नजर आता है। सऊदी अरब में 10 मार्च को रमजान का चांद देखा गया। ऐसे में भारत में भी आज यानी 11 मार्च को रमजान का चांद दिखा है। चांद नजर आने के बाद ही आधिकारिक तौर पर रमजान की घोषणा कर दी गई।

रमजान करीम क्यों कहते हैं

रमजान करीम का अर्थ होता है, रमजान का पाक महीना आपके लिए उदार हो और इस महीने आपको किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

जानें रमजान में तरावीह क्या होती है?

रमजान के पूरे महीने में हर दिन 05 वक्त की नमाज के अलावा रात के समय एक विशेष तरह की नमाज पढ़ी जाती है, जिसे तरावीह कहा जाता है। रमजान का चांद नजर आने के बाद से तरावीह पढ़ना शुरू हो जाता है।

आंख, जुबान और कान के लिए भी होता है रोजा

सिर्फ भूखे-प्यासे रहना ही रोजा नहीं होता, बल्कि रोजा आंख, जुबान और कान का भी होता है। इसलिए रमजान में रोजेदार रोजा के दौरान भूखा-प्यासा रहने के साथ ही गलत काम से दूर रहें, झूठ बोलने से बचें और किसी की बुराई न करें। रोजा में गलत चीजें देखने, सुनने और बोलने से भी रोजा टूट सकता है।

Those 5 most beautiful places in India

Beautiful Places: भारत में वैसे तो कई घूमने की जगहें हैं लेकिन कुछ ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जहां बार-बार जाने का मन होता है। बसंत के इस खास मौसम में हर कोई घूमने की ख्वाहिश रखता है तो आइये जानते हैं विस्तार से इन शानदार जगहों के बारे में-

हमलोग अक्सर अपना हॉलिडे मनाने के लिए या फिर मूड रिफ्रेश करने के लिए बाहर घूमने जाते हैं। वैसे तो कई लोग फॉरेन ट्रिप पर भी जाना पसंद करते हैं पर इन लोगों को ये नहीं मालूम होता है कि हमारे अपने देश में भी बहुत सारी खूबसूरत जगहें मौजूद हैं।

भारत में कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खास खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं। ये ऐसी जगह है जहां अक्सर लोग घूमने के लिए जाते रहते हैं। हमें विश्वास है आप इन जगह के बारे में जानने के लिए काफी एक्साइटेड होंगे।

एक नजर देश की फेमस जगहों पर-

सबसे पहले हम बात करेंगे युमथांग घाटी के बारे में-

Those 5 most beautiful places in India

ये घाटी सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 148 किमी की दूरी पर स्थित है। इस घाटी को ‘फूलों की घाटी’ के नाम से भी जानते हैं। इस जगह पर काफी रंग के फूल देखने को मिलते हैं जिसमें लाल, पीले, सफेद, ऑरेंज, वॉयलेट आदि रंग शामिल हैं। आपको ये जानकर खुशी होगी कि यह घाटी हिमालय पर्वतों से घिरी हुई है। ये बात सुनने में जितनी अच्छी लग रही है उससे कहीं ज्यादा देखने में हसीन है। बताता चलूं कि बर्फबारी की वजह से इस घाटी को दिसंबर से मार्च के बीच बंद कर दिया जाता है।

मणिपुर का लोकटक झील-

Those 5 most beautiful places in India

ये झील मणिपुर ही नहीं, दुनिया की खूबसूरत झीलों में से एक है। यह अपनी सतह पर तैरते हुए वनस्पति और मिट्टी से बने द्वीपों के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। इस झील के पानी पर सबसे बड़ा तैरता द्वीप ‘केयबुल लामजाओ’ है जिसका क्षेत्रफल 40 वर्ग किलोमीटर है। इसकी खूबसूरती वाकई देखने लायक है।

मेघालय का नोहकलिकाई फॉल्स

Those 5 most beautiful places in India

भारत के सबसे ऊंचे और खूबसूरत झरनों में से एक झरना है जो वाकई में बेहतरीन है हम बात कर रहे हैं मेघालय का नोहकलिकाई फॉल्स की। इसकी ऊंचाई के बारे में बात करें तो ये करीब 1,100 फुट है। बता दें कि इस झरने के नामकरण के पीछे एक खास कहानी फेमस है। खबरों के मुताबिक ये बताया गया है कि यहां सीधी खड़ी चट्टान से कभी एक स्थानीय लड़की ने छलांग लगा दी थी जिसका नाम लिकाई था। उसी के नाम पर इस झरने का नाम नोहका-लिकाई रखा गया।

कश्मीर का पहलगाम

Those 5 most beautiful places in India

कश्मीर यकीन स्वर्ग से कम नहीं है और कश्मीर की हर जगह वाकई खूबसूरत है लेकिन फिर भी कश्मीर में पहलगाम थोड़ा ज्यादा ही प्रकृति की जादुई छटा को अपने में समेटे हुए है। अनंतनाग जिले में स्थित सारा शहर बर्फ की चादर से ढके हिमालय और घने जंगलों वाले देवदार के पेड़ों से पटा हुआ है। यह जगह रोमांच और नेचर प्रेमियों के लिए एक खास सौगात से कम नहीं है।

केरल का टी-गार्डन

Those 5 most beautiful places in India

आखिर में केरल अपनी खूबसूरती के लिए पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। पर मुन्नार के टी गार्डन को यहां के सबसे ज्यादा खूबसूरत जगहों में से एक माना जाता है। यह जगह समुद्री तट से करीब 07 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां की बेपनाह खूबसूरती हर किसी को भाति है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Importance of Shab-e-Barat in Islam

इस्लाम में शब-ए-बारात (Shab-E-Barat) त्योहार की बहुत अहमियत है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शाबान महीने की 15वीं तारीख की रात में शब-ए-बारात मनाई जाती है। शब-ए-बारात इबादत, रहमत, मगफिरत और फजीलतों की रात के तौर पर मनाई जाती है। जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय के तमाम लोग रातभर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं।

मस्जिदों और कब्रिस्तानों को किया जाता है रौशन

Importance of Shab-e-Barat in Islam

खुदा की इबादत का यह दिन बहुत ही खास और पवित्र तरीके से मनाते हैं। शब-ए-बारात के मौके पर मस्जिद और कब्रिस्तानों को खास तरीके के सजाया जाता है। कब्रिस्तान में चारों तरफ रोशनी की जाती है, साथ-साथ कब्रों पर चिराग जलाकर मगफिरत की दुआएं मांगी जाती है। लोग मस्जिदों और कब्रिस्तानों में जाकर अपने पूर्वजों के लिए अल्लाह की इबादत करते हैं। इसे चार मुकद्दस रातों में से एक मानते हैं जिसमें पहली आशूरा की रात, दूसरी शब-ए-मेराज, तीसरी शब-ए-बारात और चौथी शब-ए-कद्र की रात होती है।

इमाम-ए-जमाना की पैदाइश का जश्न

Importance of Shab-e-Barat in Islam

मुस्लिम में शिया समुदाय शब-ए-बारात को इमाम-ए-जमाना हजरत मेहदी की पैदाइश की खुशी में मनाते हैं उनका मानना है कि अल्लाह इमाम-ए-जमाना के जन्मदिन की खुशी में अपनी रहमतें बरसाते हैं। इसलिए इस्लाम के सभी समुदाय के लोग रात भर जागकर नमाज़ और कुरान की तिलावत करते हैं। इमाम-ए-जमाना की पैदाइश के मौके पर शिया समुदाय जगह-जगह महफिलें भी करते हैं।

अलावा इसके शब-ए-बारात पर घरों को विशेष रूप से सजाते हैं और लजीज पकवान जैसे- बिरयानी, हलवा और हलीम आदि बनाया जाता है और इबादत के बाद गरीबों में भी बांटा जाता है।

Valentine Day Special: Do not give these 5 gifts to your partner even by mistake

Valentine Day Special: किसी भी स्पेशल मौके पर हम अपने खास दोस्त, परिजन और अपने पार्टनर को गिफ्ट देना पसंद करते हैं। खासकर Couples को एक दूसरे को तोहफा देना पसंद होता है। ऐसे में गिफ्ट देने के लिए काफी कुछ है और हम हमेशा गिफ्ट देने के लिए कोईकोई नया तरीका ढूंढते हैं। और अक्सर अपने साथी के लिए सबसे बढ़िया गिफ्ट देना चाहते हैं। पर कई बार जाने अनजाने में हम ऐसी गिफ्ट भी दे देते हैं जो वास्तु के अनुसार नहीं देना चाहिए।

आप ठीक समझे, ऐसी कई गिफ्ट हैं जो वस्तु के मुताबिक नहीं देना चाहिए या घर में इस तरह की गिफ्ट नहीं रखनी चाहिए। इस वजह से कपल्स के बीच अक्सर लड़ाई की नौबत आ सकती है। साथ ही इस तरह की गिफ्ट देना अशुभ भी माना जाता है। अगर आप भी अपने पार्टनर को कोई गिफ्ट देने का मन बना रहे हैं तो पहले समझ लें कि किस तरह की गिफ्ट नहीं देना चाहिए।

1. गिफ्ट में परफ्यूम देना: ज्यादातर कपल्स एक दूसरे को परफ्यूम देना भी पसंद करते हैं। परफ्यूम बहुत खास गिफ्ट है और एक प्रीमियम चॉइस भी है। पर वास्तु के मुताबिक परफ्यूम भी गिफ्ट में नहीं देनी चाहिए। इस तरह की गिफ्ट देने से रिलेशन में डिसटेंस आ सकती है।

2. जूते गिफ्ट करना:

Valentine Day Special: Do not give these 5 gifts to your partner even by mistake

लड़कियां कई बार लड़कों को जूते देना पसंद करती हैं। लड़कों के लिए जूते देना एक उम्दा गिफ्ट है क्योंकि ज्यादातर लड़कों रो बढ़िया जूते पहनना बहुत अच्छा लगता है। वास्तु शास्त के मुताबिक जूते नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक हैं। बता दें कि कई मुल्कों में भी जूते देने का प्रचनल नहीं के बराबर है।

3. रुमाल गिफ्ट में देना: अक्सर देखा गया है कि लोग खूबसूरत और अट्रैक्टिव रुमाल भी गिफ्ट करना पसंद करते हैं। जबकि वास्तु के मुताबिक रुमाल भी गिफ्ट नहीं करना चाहिए। रुमाल गिफ्ट करने से आपकी दोस्ती या रिश्ते में दरार आ सकती है। हिंदू मान्यता के अनुसार रुमाल या टावेल जैसी चीजें गिफ्ट नहीं की जाती हैं।

4. काले कपड़े गिफ्ट ना करें: Black कपड़े सभी पर जचते हैं लेकिन वास्तु के मुताबिक काले कपड़े भी गिफ्ट नहीं करना चाहिए। काला रंग भी नकारात्मक इनर्जी का प्रतीक है। अगर आप अपने पार्टनर को काली शर्ट या काला कुर्ता तोहफे में देने का सोच रहे हैं तो ऐसा करने से बचें। काले रंग की जगह आप दूसरे गहरे रंग के कपड़े चुन सकते हैं।

5. ताजमहज उपहार में ना दें: कई दफा एक खूबसूरत गिफ्ट देने के लिए लोग ताजमहल गिफ्ट करना पसंद करते हैं। ताजमहल बहुत खूबसूरत उपहार है और इसे घर में रखना काफी अच्छा लगता हैलेकिन ताजमहल ना ही गिफ्ट करना चाहिए और ना ही अपने घर में रखनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ताजमहल मुमताज का मकबरा है। मकबरा और कब्र जैसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा प्रवाह करती हैं इसलिए इसे घर में भी सजा कर नहीं रखना चाहिए।

फोटो सौजन्य- गूगल

When do women experience more sexual desire?

Ovulation: पीरियड से पहले के कुछ लक्षण और पीरियड के दरम्यान होने वाली दिक्कतों से हम सभी वाकिफ हैं। जहां किसी को क्रैंप होते हैं तो वहीं किसी को चक्कर आता है, किसी को ब्लोटिंग भी होती है पर पीरियड से पहले और उसके दौरान होने वाली सेक्स की कामना भी पीरियड के लक्षणों की वजह होने वाली एक कंडिशन है। वैसे ऐसा सभी के साथ नहीं होता लेकिन कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान या उसके बाद बहुत अधिक काम वासना फील करती हैं।

ये है इसकी वजह-

Periods और Sex डिजायर के बीच कोई संबंध है ?

Sex के लिए उत्तेजना का हॉर्मोन से गहरा संबंध है। इसके लिए आपके मेंस्ट्रुअल साइकल के हॉर्मोन सबसे ज्यादा जिम्मेदार होते हैं। मैंस्ट्रुअल साइकल आपके पीरियड के पहले दिन से शुरू होती है और इसमें 2 चरण होते है- फोलिक्युलर फेज़ और ल्यूटियल फेज़।

कब ज्यादा होर्नी महसूस करती है महिलाएं

वर्ष 2019 में एक स्टडी किया गया जिसमें 6,000,00 से ज्यादा महिलाओं के मैंस्ट्रुअल साइकल पर नजर रखी गई। इसे एक ऐप पर दर्ज किया गया और इसमें देखा गया कि ज्यादातर महिलाओं में 14वें दिन ओव्यूलेट नहीं हुआ था। जबकि ओव्यूलेशन के दौरान, यानी जब अंडा ओवरी से बाहर निकलकर ट्यूब में जाता है तब ज्यादातर महिलाएं ज्यादा यौनेच्छा का अनुभव करती हैं। साल 2013 के एक अध्ययन के मुताबिक लगातार सेक्स की तीव्र इच्छा के कारण इस दौरान यौन संचारित संक्रमण (STI) का खतरा भी बढ़ सकता है।

मेंस्ट्रुअल साइकल के वे दिन जब आप कम फर्टाइल होती हैं, तब लिबिडो अपने आप कम होने लगती है। अगर ओव्यूलेशन देरी से होता है, तो महीने में अलग-अलग समय में उत्तेजना चरम पर हो सकती है।

1. ओव्यूलेशन के दौरान

महिलाएं ओव्यूलेशन से ठीक पहले सेक्स की अधिक रुचि दिखाती हैं। साल 2015 में एक समीक्षा की गई, जिसमें यह पाया गया कि इस समय महिलाएं सेक्स की ज्यादा पहल करती हैं।

यह अनुमान लगाया गया कि ओव्यूलेशन के 24 घंटे बाद एस्ट्रोजन का स्तर पीक पर होता है। तीन तरह के एस्ट्रोजन हार्मोन में से एक एस्ट्राडियोल महिलाओं में यौन उत्तेजना बढ़ाता है। इस फैक्ट को एक और चीज पुख्ता करती है कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्राडियोल कम हो जाता है जिसके कारण यौन इच्छा में कमी आती है।

2. छुट्टियों के समय

किसी व्यक्ति की सेक्स की इच्छा समय पर भी निर्भर करती है, ऐसा हम नहीं, बल्कि रिसर्च कहते है। एक शोध किया गया जिसमें यह पाया गया कि वीकेंड में कॉलेज की उम्र की महिलाओं में सेक्स उत्तेजना वीक डेज की तुलना में अधिक थी। वीकेंड में एक महिला के सेक्स करने की औसत संभावना 22 फीसदी दर्ज की गई। जबकि अन्य दिनों में 9 फीसदी ही थी। इसलिए समय भी सेक्स की इच्छा और उत्तेजना की वजह हो सकता है।

3 फोलिक्युलर फेज़ में

When do women experience more sexual desire?

मेंस्ट्रुअल साइकल का पहला चरण फोलिक्युलर फेज़ है, जो लगभग 01-14 दिनों तक चलता है। इस चरण के दौरान, एस्ट्रोजन का स्तर प्रोजेस्टेरोन के स्तर से अधिक होता है। जब ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन में वृद्धि होती है, तो महिलाएं फोलिक्युलर फेज़ के अंत में ज्यादा सैक्स के लिए उत्तेजित महसूस करती हैं। यह ओव्यूलेशन की शुरुआत का प्रतीक है और इस समय में प्रेगनेंसी की अधिक संभावना होती है।

लुटिल फ़ेज में कम हो सकती है यौनेच्छा

इसे मेंस्ट्रुअल साइकिल का दूसरा चरण कहा जाता है, ये ओव्यूलेशन के बाद, ल्यूटियल फेज़ है। इस फेज़ में प्रोजेस्टेरोन का स्तर एस्ट्रोजन के स्तर से अधिक होने लगता है। लेकिन जब पीरियड होने होते हैं, तो दोनों में गिरावट शुरू हो जाती है, जो एक नए साइकिल की शुरुआत का संकेत देता है।

इस वक्त सेक्स की कम इच्छा महसूस होती है। हालांकि, हर महिला अपनी भावनाओं को अलग-अलग तरीके से संसाधित करती है। इसलिए यौन आनंद के लिए अपने सही समय और सही भावनाओं को समझने की आवश्यकता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Sexual intimacy helps in recovering from loneliness and depression

Erogenous zones: प्लेजर और इंटिमेसी किसी भी इमोशनल रिश्ते में बेहद अहम होती हैं। यह देखा जाए तो कहीं ना कहीं आपके मस्तिष्क और शारीरिक स्वास्थ्य के मद्देनजर भी काफी जरूरी होती है। कई मरतबा हमें अपने साथी का प्लेजर प्वाइंट का अंदाजा नहीं होता और हम उन्हें पूरी तरह खुश नहीं कर पाते हैं या सच कहा जाए तो उन्हें प्लेजर नहीं मिल पाता। इस परिस्थिति में सभी को एरोजेनस जोन के बारे में मालूम होना चाहिए। कुछ एरोजेनस जोन के बारे में तो हम सभी को मालूम होता है लेकिन कई ऐसे प्वाइंट्स भी हैं जो अंडररेटेड है और कुछ हमें मालूम नहीं होता। आज हम ऐसे ही कुछ Erogenous Zones के बारे में जानते हैं-

ये हैं कुछ खास एरोजेनस जोन

थाइ का इनर पार्ट

इनर थाईज यानी की जांघ के अंदर का हिस्सा साथी को सेड्यूस करने में आपकी मदद कर सकता है। यह काफी सॉफ्ट होता है, और आपकी इंटिमेट एरिया के बिल्कुल करीब होता है। इस हिस्से को टच करने से व्यक्ति आसानी से एक्साइटेड हो सकता है। यह फीमेल और मेल दोनों का एरोजेनस जोन है। इसे बिल्कुल हल्के हाथों से टच करना होता है। अगर आप मास्टरबेट कर रही हैं, तो आप इसे खुद को उत्तेजित करने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। पार्टनर के साथ इंटिमेट मूमेंट शेयर करते हुए उनसे इसे टच करने की मांग कर सकती हैं।

नेवल और पेट के नीचे का हिस्सा

7 common life mistakes that can ruin your sex life

हालांकि, ये आपकी इंटिमेट एरिया के उतने क्लोज नहीं होते लेकिन फिर भी बहुत पास होते हैं। इस तरह इन्हें टच करने से एक्साइटेड होने में मदद मिलती है। खास कर अगर आप साथी के साथ सेक्सुअल एक्टिविटी में शामिल हो रही हैं तो जीभ और फिंगर टिप्स की मदद से नाभि और पेट के निचले हिस्से पर सर्कल बनाएं, इससे गुदगुदी महसूस होती है और एक्साइटमेंट बढ़ती है। वहीं, इन स्पॉट्स पर टेंपरेचर प्ले जैसे कि आइस रब करने से भी उत्तेजना बढ़ती है।

आर्मपिट और आर्म्स के अंदर का हिस्सा

आपको लग रहा होगा आर्मपिट कैसे स्टिम्युलेट कर सकते हैं, आपको बताएं कि यह एक पावरफुल Erogenous Zones हो सकता है। पार्टनर को बताएं कि वह अपने हाथ को पीछे की तरफ से लागे ले जाते हुए आपके आर्मपिट के नीचे के हिस्से को टच करें। इससे बॉडी में गिगल होता है और बॉडी में एक सेंसेशन रिलीज होता है जिससे कि उत्तेजित होने में काफी मदद मिलती है।

हथेलियां और फिंगर टिप्स

फिंगर टिप बॉडी के एक बेहद संवेदनशील अंगों में से एक है। वहीं आपकी हथेलियां भी उनसे ज्यादा दूर नहीं होती। यह मेल और फीमेल दोनों के एरोजेनस जोन होते हैं। यदि आप अपने पार्टनर को सेड्यूस करना चाहती हैं, तो उनकी हथेलियों पर अपनी उंगली से टिकल करें। इसके साथ आई कॉन्टेक्ट मेंटेनेंस रखें, इससे बॉडी में सेंसेशन क्रिएट होता है और आपके पार्टनर को उत्तेजित होने में मदद मिलेगी।

बेहद संवेदनशील होता है कूल्हा यानी बटॉक्स

सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान आमतौर पर लोग बटॉक्स को जरूर इंवॉल्व करते हैं। इसे मसाज करना, दबाने और स्पैंक करने से बॉडी में सेंसेशन जनरेट होता है, जिससे की उत्तेजना बढ़ती है। फीमेल के बटॉक्स के बीच के हिस्से को टच किया जाए तो उन्हें बहुत ज्यादा उत्तेजना महसूस होती है।

स्क्रोटम और टेस्टीकल्स

अगर फीमेल अपने पार्टनर को सेड्यूस करने के लिए उनके ट्रिगर प्वाइंट्स सर्च कर रही हैं, तो स्क्रोटम और टेस्टीकल्स एक बेहतरीन ऑप्शन है। यह दोनों बेहद सेंसिटिव होते है, इनमें कई नर्वस होते है, जिन्हें टच करने से बॉडी बेहद जल्दी उत्तेजित हो जाती है। ब्लो जॉब और हैंड जॉब देते हुए अपने पार्टनर के स्क्रोटम और टेस्टिकल को मसाज करें। इससे उन्हें बेहतर प्लेजर अचीव करने में मदद मिलती है।

फोरस्किन को करें इंवॉल्व

फोरस्किन कई नर्वस की एंडिंग है जिन्हें स्टिम्युलेट करने से उन पर प्रेशर पड़ता है और प्राइवेट पार्ट को पूरी तरह से इरेक्ट होने में मदद मिलती है। त्वचा की ये पतली लेयर अलग-अलग प्रकार के सेंसेशन क्रिएट करती है, जिससे कि मेल्स को आसानी से सिड्यूस किया जा सकता है। ब्लो जॉब और हैंड जॉब के दौरान फोरस्किन को जरूर इंवॉल्व करें।

फोटो सौजन्य- गूगल

Paleo Diet: Makes your diet nutritious

Paleo Diet: आजकल कई स्वादिष्ट डाइट हैं जिसे लोग फॉलो करते हैं, जैसे कि कीटो डाइट, वीगन डाइट, इंटरमिटेंट फास्टिंग और मेडिटेरियन डाइट आदि। अधिकतर लोग वजन कम या बढ़ाने के लिए नए-नए किस्म की डाइट टेस्ट करते हैं, जिनमें कुछ डाइट तो ऐसी भी हैं जो वेट कंट्रोल करने के साथ आपको हार्ट अटैक और डायबिटीज से बचाती हैं। इन्हीं में एक डाइट है पैलियो डाइट। चलिए जानते हैं इस डाइट के पैटर्न और लोग क्यों करते हैं इसे फॉलो।

जानें Paleo Diet के बारे में-

कुछ अस्पतालों के डॉक्टर्स के मुताबिक पैलियो डाइट हमारे आहार के प्राचीन तरीके पर आधारित है। इसलिए यह कई खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित करता है। जैसे अनाज, दालें, डेयरी और एक्सट्रा चीनी, जो मॉडर्न डाइट में बेहद कॉमन हैं। इस डाइट का असल फायदा आपके ब्लड शुगर लेवल और ब्लड के लिपिड स्तर को कंट्रोल करने में नजर देता है।

यह खास डाइट आज के समय की नहीं है, बल्कि बहुत पूराने समय की मानी जाती है। पूराने समय में लोग इस डाइट का पालन करते थे। पैलियो डाइट, पैलियोलिथिक या पुराने पाषाण युग के दौरान रहने वाले मनुष्यों के डाइट पैटर्न का एक आधुनिक रूप है, जो लगभग 2.5 मिलियन साल पहले था। पुरापाषाण युग के दौरान, मनुष्य जो आहार लेते थे उनमें जड़ वाली सब्जियां, सीड्स, नट्स, प्लांट्स और कुछ जंगली और समुद्री चीजें शामिल होती थीं।

आइये जानते हैं पैलियो डाइट के फायदे के बारे में-

Blood Sugar के स्तर को नियंत्रित करना

Paleo Diet: Makes your diet nutritious

पैलियो डाइट उन खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित करता है जो ब्ल्ड शुगर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, जैसे कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड स्नैक खाद्य पदार्थ और शर्करा युक्त पेय पदार्थ। जो लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है और पैलियो डाइट को अपनाते है उन्हे ब्लड शुगर के स्तर में कमी महसूस होती हुई नजर आती है।

वजन घटाने में कारगर

अक्सर लोग फैट लॉस के लिए पैलियो डाइट को आजमाते हैं। इस डाइट में शरीर के हेल्दी वजन को बनाए रखने के लिए सभी खाद्य पदार्थ होते है, जैसे सब्जियां, बीन्स और मेवे। पैलियो डाइट का पालन करने वाले लोग भोजन के बाद अधिक संतुष्ट महसूस कर सकते हैं, जो अधिक खाने से आपको बचा सकता है और वजन घटाने को प्रोत्साहित कर सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पैलियो डाइट में फाइबर और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं, ये 02 पोषक तत्व हैं जो खाने के बाद आपका पेट भरा हुआ महसूस करने में मदद करते हैं।

हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मददगार

Paleo Diet: Makes your diet nutritious

उच्च रक्तचाप और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स जैसे ब्लड लिपिड स्तर होने से हार्ट की समस्या होने का खतरा विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग पैलियो डाइट का पालन करते हैं, वे ट्राइग्लिसराइड और ब्लड प्रेशर के स्तर जैसी हार्ट से जुड़ी बिमारियों की समस्या से निपटने में ज्यादा सफल रहते है।

कम करता है सूजन

पैलियो डाइट शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों, चीनी और रिफाइंड अनाज से परहेज करने से, जो कई बार लोगों में सूजन का कारण बन सकते है, व्यक्तियों को सूजन से संबंधित परेशानियों को कम करने में मददगार हो सकते है।

जंक के सेवन को कम करने में मददगार

जब आप पैलियो डाइट पर रहते हैं तो जंक फूड को आप एक साइज के बैग में डाल देते है, और इसका मतलब यह है कि आप अपना पैसा सिर्फ उस खाने पर खर्च कर रहे हैं जो आपके लिए स्वस्थ है, न कि आपके लिए खराब है। यह आपके खाने के बजट के लिए भी बहुत अच्छा है, क्योंकि जितना पैसा आप जंक फूड खरीदने में खर्च करते है उतने पैसे में आप आराम से ये अच्छा और हेल्दी फूड से आपना स्वास्थ्य बना सकते है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Homeopathy treatment is effective in eliminating eye problems
Homeopathy: हम सभी को मालूम है कि शरीर का सबसे कीमती अंग आंखें हैं। आंखों के बिना आप भगवान की बनाई इस दुनिया की खूबसूरती का दीदार भी नहीं कर सकते तो फिर कल्पना तो दूर की बात है। इसलिए आंखों का हेल्थी रहना बहुत जरूरी है।
The severity of winter increases the danger of 'intimate hygiene'
Viginal Health: मौसम जब सर्दी का हो तो आमतौर पर लोग ज्यादा आलस फील करते हैं, सर्दी के सितम की वजह से किसी भी काम को करने के पहले कई बार विचार करते हैं।
unbearable pain in lower back during periods

Periods के समय महिलाओं को पेट में पेन का एहसास होता है, वहीं कुछ महिलाओं को पेट से अधिक थाइज और पीठ के निचले हिस्से यानी कि लोअर बैक में दर्द महसूस होता है। कुछ महिलाओं में लोअर बैक का पेन सामान्य होता है लेकिन कुछ महिलाओं में यह दर्द असहनीय होता है। ऐसे हालात में कुछ महिलाओं को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

अक्सर हम सभी पीरियड्स में होने वाले पेट दर्द के उपाय पर बात करते हैं लेकिन कभी भी लोअर बैक पेन पर कोई चर्चा तक नहीं करते, ऐसे में इस दर्द के निदान के मद्देनजर उन सभी महिलाओं के लिए इनसे निपटने के कुछ खास तरीके बताएं गए हैं-

विशेषज्ञ के मुताबिक पीरियड्स के दौरान पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द के कारण और इन्हें कम करने के उपाय बताएं हैं। तो चलिए जानते हैं, इनसे किस तरह से डील करना है।

पीरियड के दौरान लोअर बैक में दर्द को समझना है जरूरी

1. यूटेराइन कांट्रेक्शन

मेंस्ट्रुएशन के दौरान यूट्रस कॉन्ट्रैक्ट होता है और इसकी लाइनिंग खून के माध्यम से निकल जाती हैं। यह कांट्रेक्शन कई बार काफी तेज होता है और यूटराइन मसल्स पर मेंस्ट्रूअल ब्लड को बाहर निकालने में प्रेशर बनता है, जिसकी वजह से लोअर बैक में दर्द का अनुभव हो सकता है।

2. इन्फ्लेमेशन

पेल्विक रीजन में ब्लड और टिशु की मौजूदगी होने से बॉडी में इन्फ्लेमेटरी रिस्पांस ट्रिगर हो जाता है, जिसकी वजह से आपको लोअर बैक में असहनीय दर्द का अनुभव हो सकता है।

3. हार्मोनल बदलाव

These foods play an important role in controlling hormones

मेंस्ट्रुएशन के दौरान शरीर के हार्मोन में कई सारे बदलाव आते हैं, खास कर एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन के स्तर में तेजी से बदलाव आता है, जिसकी वजह से पीरियड्स के दौरान महिलाओं को दर्द का अनुभव होता है। वहीं जिन महिलाओं में इस प्रकार के हार्मोनल फ्लकचुएशन होते हैं, उनमें पेट में दर्द के साथ-साथ कमर के निचले हिस्से में दर्द का खतरा बढ़ जाता है।

4. एंडोमेट्रियोसिस

एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पीठ के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव हो सकता है। यदि यह चिंता का विषय है, तो आप इस निदान और उचित उपचार विकल्पों के बारे में अपने डॉक्टर से बात कर चाह सकती हैं।

5. फाइब्रॉएड

यूटराइन फाइब्रॉएड गर्भाशय की गैर-कैंसरयुक्त वृद्धि है जो भारी मासिक धर्म रक्तस्राव, श्रोणि दबाव और पीठ दर्द का कारण बन सकती है। फाइब्रॉएड का स्थान और आकार भी लक्षणों की गंभीरता को प्रभावित करता है।

6. पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज

यह प्रजनन अंगों का संक्रमण है जो पैल्विक और पीठ दर्द की वजह बन सकता है, खासकर पीरियड्स के दौरान। इसके अन्य लक्षण में शामिल हैं बुखार, योनि स्राव और सेक्स के दौरान दर्द का एहसास।

जानें पीरियड्स में पीठ के दर्द से राहत पाने के कुछ आसान उपाय

1. हीट थेरेपी

अगर पीरियड्स के दौरान पीठ के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव होता रहता है, तो हिट अप्लाई करने से इससे राहत पाने में मदद मिल सकती है। गर्म कपड़े से सिकाई करें इससे मांसपेशियां रिलैक्स रहती हैं और दर्द कम करने में मदद मिलता है।

अलावा इसके आप चाहे तो हॉट वॉटर बोतल और हीटिंग पैड का इस्तेमाल कर सकती हैं। साथ ही साथ गुनगुने पानी से शॉवर लेना भी एक अच्छा आईडिया है। हिट ब्लड फ्लो को बढ़ा देता है और मांसपेशियों के दर्द से राहत प्रदान करता है।

2. हाइड्रेटेड रहें और हेल्दी डाइट लें

सेहत के डायट

हेल्दी और बैलेंस आहार तमाम परेशानियों का एक प्रभावी उपचार है। अगर आपको पीरियड्स के दौरान लोअर बैक में अत्यधिक दर्द का अनुभव होता है, तो आपको अपनी डाइट में विटामिन-B और मैग्नीशियम की मात्रा को बढ़ाने की जरूरत है।

अलावा इसके ओमेगा-3 फैटी एसिड भी इन्फ्लेमेशन और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। कैफीन और नमक का सेवन कम करें। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर शरीर को हाइड्रेटेड रखने से मांसपेशियों में दर्द का अनुभव नहीं होता।

3. बैक मसाज है बेहतर

अगर आपको पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में असहनीय दर्द का अनुभव होता है, तो बैक मसाज आपको इससे राहत पाने में मदद कर सकता है। हां, यह कोई स्थाई इलाज नहीं है, परंतु फिर भी इससे आपको काफी बेहतर महसूस होगा और आप खुद को एक्टिव रख पाएंगी। गुनगुने तेल की मदद से प्रभावित मांसपेशियों को मसाज करने से मांसपेशियां एक्टिव हो जाती है, और ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे कि दर्द से राहत प्राप्त होती है।

4. ओवर द काउंटर मेडिसिंस

नॉन प्रिसक्रिप्शन पेन रिलीवर्स आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए इन्हें लेने से बचें। अगर आपको हर बार पीरियड्स में पीठ के निचले हिस्से में असहनीय दर्द का अनुभव होता है, तो गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलें और उनसे सलाह लें। उनके जरिए प्रिसक्राइबड दवाइयों का सीमित सेवन कर सकती हैं। हो सकता है कि आपको यह परेशानी किसी मेडिकल कारण की वजह से हो रही हो, ऐसे में डॉक्टर की प्रिसक्राइब दवाइयां ही आपकी मदद कर सकती हैं। फिजूल में पेन रिलीवर्स लेने से बचें।

5. Exercise स्ट्रेचिंग और योग में लें भाग

Exercise

अगर आपको पीरियड्स के वक्त पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द का एहसास होता है, तो आपको स्थाई नहीं बैठना चाहिए। नियमित रूप से एक्सरसाइज करने के अलावा पीरियड्स में भी आसान अभ्यासों में भाग लें, खासकर योग, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, वॉकिंग आदि इस दौरान ज्यादा प्रभावी साबित हो सकते हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल